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ज्योतिष पुस्तकालय

गोचर ज्योतिष

ग्रहों का भावों से गोचर - समय के साथ परिवर्तन

गोचर (Transit) वह समय है जब कोई ग्रह आपकी जन्म कुंडली के किसी भाव से गुजरता है। प्रत्येक ग्रह का गोचर उस भाव के विषयों को सक्रिय करता है और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अवसर या चुनौतियां लाता है।

गोचर क्या है?

जब ग्रह आकाश में अपनी गति से चलते हैं और आपकी जन्म कुंडली के विभिन्न भावों को स्पर्श करते हैं, तो इसे गोचर कहते हैं। प्रत्येक ग्रह की अपनी गति और प्रभाव अवधि होती है।

तीव्र गति ग्रह

चंद्रमा (2.5 दिन), बुध, शुक्र - त्वरित लेकिन सूक्ष्म प्रभाव

मध्यम गति ग्रह

सूर्य (1 माह), मंगल (6 सप्ताह) - मध्यम प्रभाव

मंद गति ग्रह

शनि (2.5 वर्ष), बृहस्पति (1 वर्ष) - गहरे और स्थायी प्रभाव

ग्रह के अनुसार गोचर खोजें

बृहस्पति गोचर

brihaspati - सभी 12 भावों में

12 भाव और उनके विषय

1प्रथम भाव

व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, शारीरिक रूप

2द्वितीय भाव

धन, परिवार, वाणी

3तृतीय भाव

भाई-बहन, साहस, यात्रा

4चतुर्थ भाव

माता, घर, सुख

5पंचम भाव

संतान, प्रेम, बुद्धि

6षष्ठम भाव

शत्रु, रोग, सेवा

7सप्तम भाव

विवाह, साझेदारी, व्यापार

8अष्टम भाव

आयु, रहस्य, परिवर्तन

9नवम भाव

भाग्य, धर्म, पिता

10दशम भाव

कर्म, यश, सरकार

11एकादश भाव

लाभ, मित्र, इच्छापूर्ति

12द्वादश भाव

व्यय, मोक्ष, विदेश

अपने वर्तमान गोचर जानें

अभी देखें कि कौन से ग्रह आपकी कुंडली के किन भावों को सक्रिय कर रहे हैं।

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